I don’t write many Hindi poems, but this is one of those few.
मैं जवान हूँ,
मैं तूफ़ान हूँ.
छू नहीं सकते तुम मुझे,
मैं आसमान हूँ.दोस्तों का दोस्त हूँ,
दुश्मनों के लिए हैवान हूँ.
प्यार करते हैं लोग मुझे,
मैं हर लड़की की जान हूँ.जाता हूँ जहाँ,
मैं तो रंग जमा देता हूँ.
कहते हैं लोग मुझे,
मैं हर महफ़िल की शान हूँ.गुरूर है खुद पर मुझे,
और उससे ज़ियादा विश्वास है.
सचाई से करता हूँ सिर्फ जो ठीक लगे,
इसी लिए मैं खुद का अभिमान हूँ.सोच रहे होंगे हजूर यह अहंकारी कौन है,
हाँ हूँ अहंकारी मैं, मगर
चलता हूँ ईमान से.
मैं पुरखों का ज्ञान हूँ, पंडितों का ध्यान हूँ.दौलत नहीं है पास न ही शौहरत है साथ,
लेकिन जज़्बा है सब पाने का.
उस जज़्बे के इलावा,
मैं तो एक साधारण इंसान हूँ. [२]